ऊना के अम्ब उपमंडल में पिंडी खड्ड का तटीयकरण नितांत आवश्यक-राजीव शर्मन

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ऊना के अम्ब उपमंडल में पिंडी खड्ड का तटीयकरण नितांत आवश्यक-राजीव शर्मन

देवभूमि न्यूज डेस्क
ऊना (हि. प्र.)

जिला ऊना के अम्ब उपमंडल तहसील मुख्यालय में एक बहुत बड़ा सनातन धर्म आस्था का प्रतीक केन्द्र है। यह महात्मा पिंडी दास आश्रम के नाम से सकल मानवता कल्याणार्थ समूचे प्रदेश की आस्था का केंद्र ही नहीं अपितु एक जनकल्याणार्थ महातीर्थ माना जाता है।
मानव- जनसेवार्थ अम्ब उपमंडल की पिंडी खड्ड का तटीयकरण करवाया जाना समय की मांग है

छोटा हरिद्वार उपनाम से प्रसिद्ध श्री पिंडी दास महात्मा जी का आश्रम उत्तर भारत में प्रसिद्ध है। यहां पर सारा साल श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। विश्व बंधुत्व एवं मानवतावादी कल्याणार्थ श्री पिंडी दास महात्मा जी द्वारा संचालित यह महातीर्थ माना जाता है। यहां पर श्रद्धालुओं को सभी सुविधाएं उपलब्ध है किन्तु बरसात में उफनती पिंडी खड्ड आश्रम के लिए दुविधा बनी हुई है। कालांतर में पिंडी खड्ड का तटीयकरण नितान्त आवश्यक है ताकि आश्रम की गतिविधियों को पूर्ववत संचालित रखा जा सके। प्राचीन मानव सेवार्थ महात्मा श्री 1008 स्वामी पिंडी दास जी महाराज के आश्रम निकट पिंडी खड्ड का तटीयकरण संरक्षण समय की यथोचित मांग है। अम्ब उपमंडल तहसील मुख्यालय में वर्तमान में श्री पिंडी दास आश्रम मानवता सेवार्थ एक बहुत बड़ा महातीर्थ है। इसमें आंखों का अस्पताल जनकल्याणार्थ समूचे प्रदेश में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। बरसात में उफनती पिंडी खड्ड का समुचित तटीयकरण की नितांत आवश्यकता है। यही नहीं यहां पर तटीयकरण के साथ साथ इस स्थल का सौन्दर्य करण करा धार्मिक पर्यटन की भी अपार संभावनाएं हैं। यहां वर्तमान में होटलों का भी सैलानियों हेतु विस्तार हुआ है। राजीव शर्मन् ने जिला प्रशासन, स्थानीय एसडीएम अम्ब उपमंडल, माननीय विधायक चिंतपूर्णी एवं प्रदेश सरकार से पुरजोर अपील की है कि पिंडी आश्रम मानवता सेवार्थ समर्पित है तथापि इसके सन्निकट बहती पिंडी खड्ड का तटीयकरण संरक्षण करवाने से यह सुरक्षित हो जायेगा। भविष्य में पिंडी आश्रम में मानवता सेवार्थ बड़े अस्पताल की भी पिंडी आश्रम ट्रस्ट द्वारा भरसक प्रयास जारी है। ऐसे में पिंडी खड्ड का तटीयकरण संरक्षण प्रासांगिकता लिए हुए है। अतः इस बारे सरकार को शीघ्रातिशीघ्र तत्काल कारगर एवं स्टीक भूमिका निभानी चाहिए।
राजीव शर्मन् ने कहा है कि भविष्य में यह पिंडी आश्रम मानवता सेवार्थ और इलाका वासियों के साथ साथ धार्मिक सांस्कृतिक आदान-प्रदान सुनिश्चित करवाने की ओर भी सर्वांगीण विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में सहायक सिद्ध होगा।