मोहन राणा का लम्बी बीमारी से देहांत
देवभूमि न्यूज डेस्क
शिलाई
शिलाई उपमंडल की ग्राम पंचायत कोटी-उतरौउ के गावँ धार निवासी मोहन राणा 35 वर्ष का लम्बी बीमारी से शुक्रवार रात्रि देहांत हो गया मोहन राणा जब दो वर्ष के थे अपने मामा के घर अचानक बुखार से पीड़ित हो गए जब तक उपचार के लिए देहरादून पहुंचाया तब तक बुखार सिर में चढ़ गया उसके बाद अन्य जगह व चंडीगढ़ भी उपचार के लिए ले गए लेकिन स्वास्थ्य में कोई सुधार न हुआ उसके बाद मोहन न बोल पाता न सुन पाता,न चल सकता था न बेथ सकता था कई वर्ष माता जी नोमि देवी उसकी देखरेख करती रही स्वास्थ्य ठीक न रहने पर उनका देहांत हो गया उसके उपरांत देखरेख का जिम्मा उनके चाचा सूरत सिंह व चाची चाँनणो देवी पर आया पिता अमरसिंह राणा पंचायत प्रधान रहे मोहन की इस दयनीय हालात को देखते हुए उन्होंने पुनः विवाह कर लिया सौतेली माँ कमला देवी ने भी मोहन की देखरेख में कोई कमी न छोड़ी कुछ समय पूर्व अमरसिंह राणा भी अस्वस्थ हो चले और वह भी चल बसे 
मोहन राणा के भाई बलदेव राणा शिलाई में व्यवसायी है का कहना है कि संयुक्त परिवार में रहते हुए उसके भाई की 33 वर्ष खूब सेवा हुई उनकी एक बहन सुनीता भी अस्वस्थ है परिवार के सभी लोग उसकी भी बेहतर देखभाल कर रहे है चाचा सूरत सिंह राणा,कल्याण सिंह राणा,डॉ इंदर राणा, जग्गू राणा कहते है कि मोहन राणा उनके लिए देवतुल्य थे इस परिवार में मोहन के जन्म के बाद राणा परिवार दिन दोगुनी रात चौगुनी तरक्की करता रहा मोहन के स्वर्गीय दादा बीरबल राणा,स्वर्गीय पिता अमर सिंह राणा और भाभी नीरा राणा पंचायत प्रधान रहे की स्थानों पर व्यवसाय है
शुक्रवार रात्रि को मोहन राणा का देहांत हो गया शनिवार को उनका पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए हरिद्वार ले जाया गया उनकी माता जी स्वर्गीय नोमि देवी का अंतिम संस्कार भी हरिद्वार में किया गया था