हिमाचल प्रदेश का महातीर्थ शक्ति स्थल वनखंडी श्री बगुलामुखी धाम कांगड़ा।
देवभुमि न्यूज डेस्क
कांगड़ा
हिमाचल प्रदेश में हजारों साल पुराना धार्मिक शक्तिपीठ श्री वनखंडी बगुलामुखी धाम कांगड़ा माना जाता है। धर्मशाला मुख्य मार्ग पर कांगड़ा की देहरा तहसील से 28 किलोमीटर दूर स्थित है। यहां पर सारा साल ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है।
विशेषतः बगुलामुखी माता जी की शत्रु,रोग, मुकदमों की निवृत्ति का एकमात्र अमोघ औषधि हेतु इस महातीर्थ में हर समय जप,तप,हवन आदि धार्मिक कृत्य सम्पादित किए जाते रहते हैं।
घोर कलिकाल में माता बगलामुखी जी भक्तों की हर बाधायें दूर कर उनको अभयदान देती आई है। 
मंदिर के पुरोहितों के अनुसार यहां पर न्यायोचित प्रार्थनाएं ही श्री माता बगलामुखी जी स्वीकार्य करती है तथापि अनाधिकारिक चेष्टाओं से युक्त किसी का जानबूझकर अरिष्ट करने वालों को यहां किया गया जप,तप, हवन आदि कृत्य अरिष्टकारी सिद्ध हो जाता है।
इससे सर्वविदित तथ्य सामने आता है कि श्री माता बगलामुखी जी न्यायोचित राहत ही प्राणियों को प्रदान करती आ रही हैं।
श्री बगलामुखी जी के दरबार में अनेक सियासतदानों ने अनाधिकृत तौर पर जप,तप,हवन आदि कृत्य करवाये किंतु उन्हें चुनावों में पराजय का सामना करना पड़ा।
जगतदात्री महाविद्या श्री बगलामुखी माता जी सकल मानवता कल्याणार्थ ही यहां श्री वनखंडी कांगड़ा में चिरकाल से विराजमान हैं।
माता श्री बगलामुखी जी के दर्शनों उपरान्त धार्मिक श्रद्धालु श्री हनुमान जी और श्री भैरवनाथ जी की विशाल प्रतिमा के अलौकिक दर्शनों का भी लाभ लेते हैं।
वर्तमान में वनखंडी बगुलामुखी माता जी को धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से अत्यन्त सुविधा सम्पन्न महातीर्थ बनवाने की गर्ज से विकासोन्मुखी कायाकल्प योजनाओं की आवश्यकता है।
धर्मशाला मुख्य मार्ग पर वनखंडी बगुलामुखी माता जी के मुख्य द्वार पर बाहर बैठे दुकानदारों के लिए सुविधा सम्पन्न शापिंग काम्प्लेक्सों के निर्माण को भी प्राथमिकता के आधार पर मुकम्मल करवाया जाना चाहिए।
इसी तरह श्रद्धालुओं के ठहरने हेतु एक नई धर्मशाला का निर्माण व पार्किंग की अन्यत्र सुविधाएं मुहैया करवाने हेतु भी जिला प्रशासन कांगड़ा और हिमाचल प्रदेश सरकार को शीघ्रातिशीघ्र जनहित में तत्काल निर्माण करवाना चाहिए।
राजीव शर्मन्