धर्म संस्कृति की राजधानी श्री छोटा हरिद्वार जिला ऊना में सदा व्रत लंगर और नित्य प्रति छबीलों का दौर जारी
देवभूमि न्यूज डेस्क
ऊना
हिमाचल प्रदेश की धर्म संस्कृति की राजधानी जिला ऊना उपनाम श्री छोटा हरिद्वार का श्री डेरा बावा रूद्रानंद आश्रम नारी गांव समूचे जिला ऊना का सदा व्रत लंगर के लिए जगत विख्यात है। श्री रूद्रानंद महाराज जी द्वारा शुरू किया गया अंखड धूना और सदा व्रत लंगर यहां अनवरत चला आ रहा है। वर्तमान में श्री सुग्रीवा नंद जी महाराज और उनके शिष्य श्री हेमानंद जी भी इस परम्परा को जारी रखें हुए हैं। अमलैहड़ गांव गगरेट का आश्रम भी गौसदन (गोकुल नगर) भंजाल (सुंकाली) शिवकाली भी प्रसिद्ध है। अमलैहड़ आश्रम में भी अखंड धूना और सदा व्रत लंगर निर्वार्ध चलता रहता है।
वर्तमान में श्री राम मंदिर अंदौरा-गगरेट सन्निकट सोमभद्रा-स्वां नदी बाजार में भी सदा व्रत लंगर की नित्य प्रति व्यवस्था पूर्ववत चली आ रही है।
जिला ऊना की सत्त सनातन धर्म सत्ता की अगाध श्रद्धा के चलते इन धार्मिक स्थलों पर सारा साल श्रद्धालुओं द्वारा यथा शक्ति अन्न दान अन्न पूर्णा के सिद्ध होने का प्रत्यक्ष प्रमाण है। शिवालिक धौलाधार की पहाड़ियों की तराई में उच्च शिखर पर पांच हजार साल पौराणिक श्री सदाशिव ध्यूंसर महादेवन मंदिर में भी अनवरत सदा व्रत लंगर निर्वार्ध चलाया जा रहा है।
यही नहीं जिला ऊना के श्री धन धन सतगुरु बावा नानक जी के वंशजों के गुरुद्वारा साहिब बावा किला बेदी में भी लंगर व्यवस्था सालों से चली आ रही है। यही नहीं गुरूजी का लंगर अब जिला अस्पताल ऊन्ना में भी स्वयं सेवकों द्वारा मरीजों और उनके अभिभावकों के लिए उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसमेें प्रसिद्ध पत्रकार श्री राजीव भनोट जी की संस्था युवा जन मोर्चा एक बहुत बड़ी अहम भूमिका निभाने में सतत् अग्रसर रहता है। राष्ट्रीय संत बावा बाल जी के आश्रम कोटला कलां समीप ऊना रेलवे स्टेशन रोड का अलौकिक संचार तो वृंदावन धाम से कम नहीं है।
यहां पर भी भोजन लंगर प्रसाद उपलब्ध करवाया जाता है।
उपरोक्त धार्मिक स्थलों की महत्ता से सिद्ध होता है कि सचमुच जिला ऊना श्री छोटा हरिद्वार की संज्ञा से विभूषित किया जाना प्रासांगिकता लिए हुए है।
आजकल दस जून निर्जला एकादशी के सन्निकट आते ही धार्मिक नगरी जिला ऊना में ठंडे पानी की छबीलों का दौर जारी हो गया है।
इसके अन्तर्गत लगभग सभी तहसीलों बंगाणा,हरोली,अम्ब, ऊना सदर में आजकल बहुत सारे धार्मिक स्थलों व मुख्य बाजारों में मीठे पानी की छबीलों का नजारा देखते ही बनता है।
आज दौलतपुर चौक बाजार में स्थानीय दुकानदारों व स्वयं सहायता समूहों के वालंटियरों ने मीठे पानी की छबील के साथ साथ किंवटलों के हिसाब से तरबूज भी गर्मी से राहत दिलाने हेतु राहगीरों के साथ साथ छोटे बड़े वाहन चालकों के लिए उपलब्ध करवाया। वाहनों को बड़ी ही शालीनतापूर्वक युवा शक्ति बड़े विनम्र आग्रह से रोक कर मीठा जल और तरबूज उपलब्ध करवाने में डटी थी।
दर्जनों युवाओं ने आम सरकारी बसों और निजी बसों की सवारियों हेतु भी बड़े ही अनुशासनात्मक ढंग से सफल जल छबील का आयोजन कर पुन्य संचित किया।
सत्त सनातन धर्म संस्कृति का वास्तविक अलौकिक रूप इस मीठे जल की छबील व तरबूज वितरण से बखूबी अनुभव किया जा सकता था।
सचमुच में सत्त सनातन धर्म संस्कृति का पर्याय जिला ऊना सभी को आनंदित व मंत्र मुग्ध कर देता है।
जिला ऊना की पौराणिक कहावत अक्षरशः चरितार्थ हो जाती है।
जिसमें कहा जाता है कि
जो आता है जिला ऊना!
वह सरसव्ज दोगुना चौगुना!!
बस जाता है एक बार ऊना!
बाकी जगहों को करता मना!!
धन्य है जिला ऊना जनपद के धार्मिक,स्वावलंबी ,श्रद्धालुगण,आम जनमानस जो तहेदिली से धर्म संस्कृति का श्री छोटा हरिद्वार बसाने में सदैव ही तत्पर रहते हैं।।
राजीव शर्मन्