ऊना जिला का पीपलू मेला सोमभद्रा उत्पादों की गुणवत्ता व विक्री से धूमधाम से सम्पन्न।

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ऊना जिला का पीपलू मेला सोमभद्रा उत्पादों की गुणवत्ता व विक्री से धूमधाम से सम्पन्न।

देवभूमि न्यूज डेस्क
ऊना

जिला ऊना की तहसील बंगाणा (कुटलैहड़ रियासत कालीन) नरसिंह अवतार श्री हरि विष्णु जी का तीन दिवसीय पीपलू मेला आज सोमभद्रा- उत्पादों की गुणवत्ता व विक्री के साथ सम्पन्न हो गया। गौरतलब है कि सोमभद्रा-स्वां नदी जिला ऊना की संस्कृति में रची बसी है। जिला प्रशासन ऊना की सार्थक पहल और स्वयं सहायता समूहों ने सोमभद्रा उत्पादों की बिक्री से जिला में एक बहुआयामी कायाकल्प की विकासोन्मुखी इबारत लिखा दी है। यह जिला ऊना की महिला शक्ति की अथक परिश्रम का भी प्रमाण है।
व्यवसायिक और स्वावलंबन के तौर पर सोमभद्रा उत्पादों ने रोजगारोन्मुखी एक नई दिशा दशा कायम कर सफलता का नया अध्याय संचारित किया है।

ऊना जिला के पिपलू मेले में आकर्षण का केंद्र बनी सोमभद्रा उत्पादों की प्रदर्शनी

जिला स्तरीय ऐतिहासिक पिपलू मेले में सोमभद्रा उत्पादों की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र बनी रही। मेले में स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए बांस के उत्पादों, स्टीविया चाय तथा बड़ियां, सेवियों की खासी मांग रही। ग्राहकों ने विशेष रूप से बांस के उत्पादों को खरीदने में रुचि दिखाई।
खंड विकास अधिकारी बंगाणा यशपाल सिंह परमार ने बताया कि सोमभद्रा स्टॉल पर तीन दिनों में लगभग 20 हजार रुपए का कारोबार हुआ है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बिक्री के लिए पिपलू मेले में एक स्टॉल लगाया गया था, जिस पर अच्छा कारोबार हुआ है और खरीददारों ने इसे काफी पंसद किया है।
सोमभद्रा स्टॉल का प्रबंधन देख रहे अजय कुमार ने कहा कि सोमभद्रा उत्पादों की काफी मांग है। उन्होंने मेले में स्टॉल लगाने को जगह प्रदान करने के लिए जिला प्रशासन का विशेष रूप से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बिक्री का मंच प्रदान करने के लिए विशेष प्रयास कर रहा है तथा इससे पहले भी कई मेलों में उन्हें जगह दी गई है, जिससे स्वयं सहायता समूहों की आर्थिकी सुदृढ़ हो रही है।
वहीं उपायुक्त राघव शर्मा ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों में एकरूपता लाने के लिए इन्हें सोमभद्रा नाम से बाजार में बेचा जा रहा है। सोमभद्रा ब्रांड नेम मिलने के बाद स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री बढ़ी है और इससे उन्हें आजीविका का एक साधन मिला है। उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय ऐतिहासिक पिपलू मेले में भी सोमभद्रा उत्पादों को अच्छा रिस्पांस मिला है और भविष्य में भी स्वयं सहायता समूहों को ऐसे मंच प्रदान किए जाएंगे।

राजीव शर्मन