शिलाई की पंचायतो में हो रहे भारी भ्र्ष्टाचार में जिलास्तर तक के अधिकारी शामिल-पूर्व प्रधान केदार सिंह

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शिलाई की पंचायतो में हो रहे भारी भ्र्ष्टाचार में जिलास्तर तक के अधिकारी शामिल-पूर्व प्रधान केदार सिंह

देवभूमि न्यूज डेस्क
शिलाई

शिलाई उपमंडल की ग्राम पंचायतों में विकास कार्यो के नाम पर जनप्रतिनिधियों व कर्मचारियो की मिलीभगत से लाखो करोड़ो डकारे जा रहे है सरकारी धन का दुरुपयोग की शिकायतों के बाद खण्ड स्तर के अधिकारियों से लेकर जिला स्तर के अधिकारी पंचायत के कर्मचारियो व पंचायत प्रधानों का बचाव कर रहे है जिससे भ्र्ष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है
विकास योजनाओं के लिए सरकार द्वारा करोड़ो रूपये स्वीकृत किए जा रहे है लेकिन शिलाई की पंचायतो में विकास कार्य नजर नही आ रहे है और इसको कोई पूछने वाला भी नही है न प्रशासन न ही सरकार
जनता अगर शिकायते करती भी है तो अधिकारी वैसे तो मौका पर आएंगे ही नही, यदि आ भी जाए तो पंचायत प्रधान व कर्मचारियों के विरुद्ध कोई कार्यवाही न करके या तो समझौते करवाते है या शिकायतकर्ताओं से टाल मटोल जबाब देकर कर पीछा छुड़ाते है
पंचायतो के प्रत्येक मदो से किए जाने वाले विकास कार्य ठेकेदारी प्रथा से किए जा रहे है जिसके चलते केंद्र सरकार की मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना से गावँ के लोगो को रोजगार नही मिल रहा है मनरेगा के कार्य ठेकों में करवाए जा रहे है जिसमे मजदूर भी ठेकेदार अपने नजदीकी लोग ही रखते है जिससे लोगो मे रोजगार न मिलने से आपसी मतभेद से तनाव बढ़ता जा रहा है ताजा मामला शिलाई विकास खण्ड की ग्राम पंचायत हलांह का है पंचायत की जनता ने
पंचायत में विकास कार्य के नाम पर सरकारी धन को चूना लगाने वाले भ्र्ष्ट लोगो के विरुद्ध पुलिस में मामला दर्ज करने की फरियाद की लेकिन अधिकारियों ने इस मामले कोई कार्यवाही करने के आदेश अभी तक नही दिए है जिससे पंचायत के दो गुटों में आर पार की लड़ाई चल रही है
पंचायत वार्ड मेम्बर प्रताप सिंह,पूर्व उप-प्रधान केदार सिंह,पूर्व पंचायत समिति सदस्य लायक राम,कल्याण सिंह पूर्व प्रधान,पूर्व जिला परिषद सदस्य लायक राम ,नवयुवक मंडल के प्रधान गोविंद प्रशाद ने बताया कि बीते 17 फरवरी को प्रशासन द्वारा गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट में विकास कार्यो के नाम पर पंचायत में 23 लाख 69 हजार का गमन किया गया है बाद उसके भी घोटाले रुक नही रहे है पंचायत में मस्टरोल जारी होने से पूर्व ही ठेकेदारी प्रथा के अनुसार पंचायत के कार्य जारी है उन्होंने बताया कि मनरेगा में लिंक रोड़ हलांह के लिए 21 लाख 25 हजार रुपये स्वीकृत हुए जिसमे जांच के दौरान 11 लाख 88 हजार का घोटाला हुआ है योजना की राशि एक वर्ष पूर्व बैंक से निकासी कर डाली है परंतु मौका पर न कार्य न ही मैटीरियल पहुंच पाया है और न ही सड़क निर्माण के लिए भू-मालिको से अनापतिपत्र लिया गया है ग्रामीणों ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर विकास खण्ड अधिकारी,उपमंडलाधिकारी व जिला प्रशासन से एफ आई आर दर्ज करने को लिखा गया था लेकिन अभी तक पुलिस में रिपोर्ट दर्ज नही हो पाई है ग्रामीणों ने बताया कि शिलाई पुलिस थाना के एस एच ओ मस्तराम का कहना है कि 30 अप्रेल की जांच रिपोर्ट और ग्रामीणों की दरखावास्त तो मिल गई है लेकिन सरकारी अधिकारियो से इस सम्बंध में कोई आदेश नही मिल पाए है ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के हो रहे भ्र्ष्टाचार में कोई कार्यवाही न होने से लगता है कि प्रधान के साथ साथ पंचायत कर्मचारी,विकास खण्ड कार्यालय के तकनीकी कर्मचारी व जिलास्तर तक के अधिकारी भ्र्ष्टाचार में लिप्त है ग्रामीणों ने मांग की है कि पंचायत से लेकर ,विकास खण्ड,जिला प्रशासन के सभी कर्मचारियो पर विजिलेंस की जांच बिठाई जाए तथा भ्र्ष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों को निलंबित किया जाए
चेतावनी देते हुए बताया कि जल्द कार्यवाही नही की गई तो न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाने पर बाध्य होंगे जिसमे प्रदेश सरकार को पार्टी बनाई जाएगी