राष्ट्रपति चुनाव में 17 पार्टियों ने संयुक्त उम्मीदवार उतारने का लिया संकल्प

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राष्ट्रपति चुनाव में 17 पार्टियों ने संयुक्त उम्मीदवार उतारने का लिया संकल्प

देवभूमि न्यूज डेस्क
नई दिल्ली

भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ फिर एक बार विपक्षी एकता की कवायद शुरु हो गई है. इस बार विपक्ष की कोशिश है कि राष्ट्रपति चुनाव में आम सहमति से उनका उम्मीदवार खड़ा किया जाए और उसे जीत दिलाई जाए. राष्ट्रपति चुनाव में बीजेपी के खिलाफ संयुक्त उम्मीदवार उतारने पर आम सहमति बनाने की इस मुहिम का नेतृत्व कर रही हैं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी. उनके बुलावे पर दिल्ली में आज तमाम विपक्षी दलों के दिग्गज नेताओं की बैठक हुई. विपक्ष की इस मैराथन बैठक में तमाम विपक्षी नेताओं ने एकजुट होकर आगामी राष्ट्रपति चुनावों में एक आम उम्मीदवार को मैदान में उतारने का संकल्प लिया.
इससे पहले शरद पवार को उम्मीदवार बनाये जाने की चर्चा थी, लेकिन शरद पवार ने चुनाव लडऩे से इंकार कर दिया. अब किसी ऐसे नेता को चुनने की कोशिश की जा रही है, जिस पर सभी की सहमति हो. इस बैठक में 17 दलों के नेता पहुंचे थे, जिनमें एनसीपी चीफ शरद पवार, प्रफुल्ल पटेल, प्रियंका चतुर्वेदी (शिवसेना), दीपांकर भट्टाचार्य (सीपीआई माले), मनोज झा (आरजेडी), महबूबा मुफ्ती( पीडीपी), फारूक अब्दुल्ला (एनसी), रणदीप सुरजेवाला, मल्लिकार्जुन खडग़े और जयराम रमेश (कांग्रेस), अखिलेश यादव (एसपी), जयंत चौधरी (आरएलडी) और टी आर बालू (डीएमके) शामिल हैं.
बैठक के दूर रहे कई विपक्षी दल
ममता बनर्जी के तमाम प्रयासों से बावजूद बीजेपी के खिलाफ कई दलों ने एक मंच पर आने से इंकार कर दिया. इनमें के चंद्रशेखर राव की पार्टी टीआरएस, आम आदमी पार्टी, बीजेडी, वाईएसआर कांग्रेस और अकाली दल शामिल हैं. वहीं बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) जैसे कुछ दलों को बैठक में आमंत्रित भी नहीं किया गया