राजीव शर्मन् की बहुचर्चित कहानियों में से एक है:घराटी बावा।

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राजीव शर्मन् की बहुचर्चित कहानियों में से एक है:घराटी बावा।

देवभूमि न्यूज डेस्क

हमारे गांव के घराटी बावा को 1962 में चीन के साथ लड़ी जंग का मलाल बना रहा कि वह हथियारों की कमी के चलते अपने भारत के सैनिकों की शहादत का हिसाब चुकता नहीं कर पाया था। उसने प्रण कर लिया था कि जब तक जिंदा रहेगा देश सेवा और देश भक्ति के संस्कार सभी में जगाने के लिए सदैव ही बचनबद्ध रहेगा। वह आजीवन गांव में भावी पीढ़ी को सैनिक अभ्यास व बहादुरी के संस्कार दिलाने में आजीवन डटा रहा।