जिला ऊना के कलरूही खड्ड का पुल शीघ्रातिशीघ्र युद्ध स्तर पर मुकम्मल किया जाए

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जिला ऊना के कलरूही खड्ड का पुल शीघ्रातिशीघ्र युद्ध स्तर पर मुकम्मल किया जाए

देवभूमि न्यूज डेस्क
ऊना

जिला ऊना अम्ब उपमंडल तहसील मुख्यालय के चिंतपूर्णी व गगरेट विधानसभा क्षेत्र के संगम स्थल कलरूही खड्ड पुल निर्माण कार्य बहुत ही द्रुत गति से चल रहा है। इससे पहले यहां से कुछ मीटर दूर मुवारिकपुर रोड का टिब्बी -झकौली पुल निर्माण को पांच साल में पूरा किया गया था।

यातायात व्यवस्था को लेकर निर्माणाधीन कलरूही खड्ड का ढीली गति से चल रहा निर्माण कार्य विभिन्न वाहन चालकों को सताने लगा है। वास्तव में कलरुही खड्ड का पुराना पुल बड़े वाहनों को एक साथ आवाजाही के लिए संकीर्ण होने से बहुत बड़ी दुविधा का कारण बन चुका है। ऐसे में नये कलरुही खड्ड पुल के निर्माण से यातायात व्यवस्था को सुधारने की एक नई दिशा दशा शुरू होने से लोगों ने राहत की सांस ली थी। वस्तुत: अब लोगों को इसका निर्माण कार्य बड़ी धीमी गति से चलना बिल्कुल भी रास नहीं आ रहा है। नतीजतन लोगों की आंकाक्षाओं व अपेक्षाओं के अनुरूप इस कलरूही खड्ड पुल को प्राथमिकता के आधार पर युद्ध स्तर पर निर्मित करवाने की जोरदार दरकार है।

बतलाते चले कि नया कलरूही खड्ड माता चिंतपूर्णी और श्री डेरा बावा बड़भाग सिंह मैड़ी मेलों के लिए बहुत बड़ा वरदान सिद्ध होने वाला है। कलरूही खड्ड के पुराने पुल पर अमुमन वाहनों के जाम की स्थिति अवश्यंभावी बनी रहती है। ऐसे में नये कलरुही खड्ड पुल का निर्माण रात दिन को चलाकर इसे निर्धारित समयावधि में पूरा करवाना समय की जबरदस्त मांग है।

स्थानीय इलाका वासियों श्री गुरुदेव सिंह,विक्रम सिंह,विजय कुमार, होशियार सिंह, सतीश कुमार,श्री राम शर्मा, राजीव कुमार, सरदार काबिल सिंह, सुनील कुमार,पवन शर्मा ने जिला प्रशासन व हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी से पुरजोर आग्रह किया है कि कलरूही खड्ड का नया पुल आगामी नये अंग्रेजी साल में बनकर हर हालत में तैयार हो जाना चाहिए ताकि अम्ब और गगरेट में मेलों में लगने वाले वाहन जामों से हर हालत में निजात दिलवाई जा सके।
उधर आर0टी0आई0एकटीविस्ट और समाज सेवी राजीव शर्मन् ने नये कलरुही खड्ड पुल निर्माण हेतु केन्द्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी जी का आभार प्रकट करते हुए आशा व्यक्त की है कि जनहित में कलरुही खड्ड पुल को निर्वाद्ध तौर पर पूरा किया जाना चाहिए।
राजीव शर्मन