श्रावण मास महोत्सव माहात्म्य का श्री अम्बिकानगर-अम्ब महादेवन मंदिर में श्रद्धा भक्ति संचार।

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श्रावण मास महोत्सव माहात्म्य का श्री अम्बिकानगर-अम्ब महादेवन मंदिर में श्रद्धा भक्ति संचार।

देवभूमि न्यूज डेस्क
ऊना

जिला ऊना की श्री पांडवकालीन शिवालयों की प्राचीन नगरी श्री अम्बिकानगर-अम्ब उपनाम श्री छोटा हरिद्वार में आधुनिक समय में भी विभिन्न शिवालयों के माध्यम से शिव भक्ति का संचार जारी है। कालांतर में नये शिवालयों के निर्माण यहां की शैव भक्ति का अगाध श्रद्धा प्रमाण है।

गगरेट से सोमभद्रा-स्वां नदी से मात्र 3 किलोमीटर व ल्यूमिनस उद्योग से भी 3 किलोमीटर दूर रेलवे स्टेशन समीप श्री अम्बिकानगर अम्ब महादेवन मंदिर का निर्माण स्वर्गीय इंजिनियर हरवंश लाल छावड़ा ने करवाया था। इस मंदिर के भूतल पर एक गुफा का भी निर्माण करवाया गया था। वर्तमान में यह श्री अम्बिकानगर-अम्ब महादेवन शिवालय समीपवर्ती इलाका वासियों के लिए महातीर्थ बन गया है। यहां पर पिछले दशकों से लगातार श्रावण मास महोत्सव का सफल आयोजन श्रद्धालुओं द्वारा संचालित किया जा रहा है।

सार्वजनिक तौर पर श्री अम्बिकानगर-अम्ब महादेवन मंदिर पूरा दिन श्रद्धालु भक्तों के लिए खुला रहता है। इस साल कोरोनावायरस वैश्विक महामारी-महायुद्ध के चलते ऐहतियातन प्रबंधन से यहां भक्तों द्वारा शिव पूजन अर्चना लगातार जारी है। श्री अम्बिकानगर-अम्ब महादेवन मंदिर में पूजा-अर्चना हेतु आने वाले भक्तों के लिए सैनेटाईजर और मास्क का कड़ाई से पालन करवाया जा रहा है। वर्तमान में मंदिर के व्यवस्थापक श्री सुनील छावड़ा ने बताया कि जिला प्रशासन की गाईड लाईन के मुताबिक बड़े ऐहतियातन प्रबंधन से श्री नाग पंचमी 4 अगस्त को एक भंडारे का भी सुरक्षात्मक नियमावली के तहत आयोजन किया गया है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में श्री अम्बिकानगर-अम्ब महादेवन शिवालय के प्रांगण का श्रद्धालुओं के लिए विस्तार अवश्यंभावी है।
वर्तमान में यहां पर सार्वजनिक तौर पर श्रद्धालुओं द्वारा श्रावत मास महोत्सव में शिव पूजन अर्चन जारी है। श्री अम्बिकानगर महादेवन परिसर का विस्तार समय की पुकार है। यहां पर श्रद्धालुओं के लिए एक शैड का निर्माण हर हालत में करवाया जाना चाहिए।
इस बारे में स्थानीय प्रशासन अम्ब और जिला प्रशासन ऊना कारगर एवं अहम भूमिका जनहित में निभाने में सक्षम है।

अगर स्थानीय नगर पंचायत अम्ब, उपमंडल तहसील एस0डी0एम0अम्ब, जिला प्रशासन सार्थक प्रयास करवाये तो मंदिर में आने वाले भक्तों को बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती है।

राजीव शर्मन्