श्री छिन्न मस्तिका धाम माता चिंतपूर्णी जी टिम्बर ट्राली परियोजना की दरकार है: राजीव शर्मन्
देवभूमि न्यूज डेस्क
ऊना
जिला ऊना का श्री छिन्न मस्तिका धाम माता चिंतपूर्णी उत्तर भारत का सबसे बड़ा शक्ति स्थल एवं प्रसिद्ध महातीर्थ माना जाता है। हिमाचल प्रदेश की विधानसभा क्षेत्रों में भी चिंतपूर्णी नामक विधानसभा नामकरण का भी अहम स्थान है। चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र में पिछले दो दशकों से लगातार यातायात की व्यवस्था को सुधारने हेतु इसके तहसील मुख्यालय अम्ब उपमंडल में बाईपास, फ्लाईओवर, बड़े बस अड्डे, गाड़ियों की पार्किंग और फ्लाईओवर ब्रिज की मांग आज भी लम्बित पड़ी है।

इन मांगों की प्रासंगिकता बहुत अहम आंकी गई है चूंकि चिंतपूर्णी माता जी के लिए आये दिन यातायात के जामों ने आम जनजीवन के साथ साथ बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी बेहद परेशान कर रखा है। इस बारे हिमाचल प्रदेश सरकार श्री माता चिंतपूर्णी जी के लिए इन मूलभूत सुविधाओं को साकार नहीं कर पाई है। इससे व्यापारियों और स्थानीय दुकानदारों को भी जूझना पड़ रहा है। अम्बिकानगर-अम्ब साहित्य परिषद् के अध्यक्ष राजीव शर्मन् ने एक दशक पुरानी मांग का पुनः खुलासा करते हुए कहा है कि माता चिंतपूर्णी जी के लिए धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु सर्वप्रथम अम्ब उपमंडल तहसील मुख्यालय में बड़ा बस अड्डा, गाड़ियों की पार्किंग सुविधा, बाईपास और फ्लाईओवर ब्रिज का निर्माण अवश्यंभावी है। उन्होंने कहा है कि इन सुविधाओं के विना माता चिंतपूर्णी जी के लिए अम्ब उपमंडल की यातायात भगदड़ बहुत बड़ी चुनौती बन चुकी है। उन्होंने कहा कि इस अव्यवस्था के चलते बाहर के राज्यों से माता चिंतपूर्णी जी के लिए आने वाले धार्मिक श्रद्धालुओं को बहुत बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ा है। राजीव शर्मन् ने बताया कि माता चिंतपूर्णी जी के लिए टिम्बर ट्राली परियोजना की भी अपार संभावनाएं हैं। इसके लिए श्री पांडवकालीन श्री सदाशिव महादेव मंदिर ,श्री द्रोणाचार्य शिवबाड़ी गगरेट,श्री डेरा बावा बड़भाग सिंह जी मैड़ी से प्राथमिकता के आधार पर टिम्बर ट्राली परियोजना की संभावनाओं को शीघ्रातिशीघ्र तलाशा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार को इस बारे त्वरित कार्यप्रणाली पर विभिन्न योजनाओं को अमलीजामा पहनाया जाना चाहिए ताकि हिमाचल प्रदेश के मानचित्र पर माता चिंतपूर्णी जी के लिए धार्मिक पर्यटन को बढावा मिल सके।