जिला ऊना की नगर पंचायत अम्ब उपमंडल तहसील मुख्यालय में सुविधाओं का अकाल है।
देवभूमि न्यूज डेस्क
ऊना
जिला ऊना की नगर पंचायत अम्ब उपमंडल तहसील मुख्यालय में आम जनता जनार्दन को सुविधाओं का अकाल होने से बुरी तरह कठिनाइयों का नित्यप्रति सामना करना पड़ रहा है।

सर्वप्रथम यहां पर यातायात की भगदड़ ने आम जनता-जनार्दन को त्रस्त कर रखा है। छोटा सा बस स्टॉप और एक बहुत ही तंग छोटा सा यातायात चौक हर समय दुर्घटनाओं को न्योता देता रहता है। पानी निकासी की समुचित नालियों का प्रबंधन ना होने से सड़कें खड्ड में तब्दील हो जाती है। एक सरकारी बस स्टाप पर लम्बी दूरी की बसें ना आकर छोटे से चौक के दोनों ओर यात्रियों को उतार कर चलती बनती है। परिवहन निगम के छोटे से बस ठहराव पर यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि अम्ब का छोटा सा यातायात चौक इतना तंग है कि यहां पर यातायात पुलिस का जवान भी खड़ा नहीं हो सकता है।

अम्ब उपमंडल तहसील मुख्यालय में दिन रात हज़ारों वाहन चंडीगढ़- दिल्ली, पठानकोट-अमृतसर, होशियारपुर-जालन्धर, हमीरपुर-शिमला के लिए गुजरते हैं किंतु अगर किसी कारण वश यात्रियों को अम्ब बस ठहराव पर रुकना पड़े तो खड़े होने के लिए कोई भी वर्षा शालिका का भी इंतजाम नहीं है। पिछले तीन दशकों से अम्ब में बड़ा बस अड्डा और बड़े चौक का विस्तारीकरण अथवा निर्माण नहीं किया जा सका है। यातायात को नियंत्रित करने हेतु फ्लाईओवर ब्रिज, बाईपास तो सपनों का संसार बनकर रह गया है।
तहसील मुख्यालय में मिनी सचिवालय के विना आम जनता को बुरी तरह जूझना पड़ता है।
दरअसल अम्ब उपमंडलाधिकारी कार्यालय, कोर्ट परिसर, तहसील राजस्व इत्यादि कार्यालयों में भी जगह की तंगी के कारण भीड़ लगी रहती है। इतने बड़े अम्ब उपमंडल तहसील मुख्यालय में युद्ध स्तर पर मिनी सचिवालय का निर्माण अवश्यंभावी करवाया जाना चाहिए था।
रोजमर्रा दैनिकोपयोगी वस्तुओं विशेषतः सव्जी मंडी तो आज तक नहीं खुल पाई है। अम्ब नगर पंचायत के नये नौ वार्डों की अनुमानित आबादी पच्चीस हजार के करीब है। यहां पर कोई सव्जी मंडी/ किसान भवन इत्यादि नहीं है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए को कोई भी व्यवस्था और बच्चों के लिए चिल्ड्रन पार्क का निर्माण भी नहीं करवाया गया है।

जबकि समग्र क्रांति की ओर अग्रसर अम्ब उपमंडल में अत्याधुनिक चौक और फब्बारों से इसे सुसज्जित बनाया जाना चाहिए था।
आजादी का अमृत महोत्सव मनाने की ओर अग्रसर यहां के सैनिक परिवारों के लिए कोई भी सैनिक स्कूल/ सैनिक कंटीन भी नहीं खोली जा सकी है।
समूचे अम्ब उपमंडल तहसील मुख्यालय में सुविधाओं का भारी अकाल है। रेलवे स्टेशन समीप पुरानी बिजली के खंभों पर लटकती तारों से भी यहां की खस्ता हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है।
आवारा पशुओं ने तो बाकी की कोर कसर पूरी कर दी है।
उपरोक्त सभी समस्याओं के समाधान और निराकरण हेतु जिला प्रशासन ऊना और हिमाचल प्रदेश सरकार को सीधे तौर पर हस्तक्षेप करते हुए आम जनमानस की अपेक्षाओं और आंकाक्षाओं के अनुरूप त्वरित कार्रवाई अमल में लाई जानी चाहिए।